Which Is Better Halal Meat or Jhatka Meat. कौन सा मांस बेहतर है हलाल मांस या झटका ? 

हलाल में जीव को तड़पा तड़पा कर मारा जाता है ! पूरी वैज्ञानिक बात भी पढिये और समझिये !|
इससे जीव में नकरात्मक केमिकल बनते है ! ऐसा माना जाता है , हलाल खाने वाले जो इंसान को नकरात्मक बनाते है !झटका में जीव को झटके में मार दिया जाता है।, इससे जीव को दर्द नहीं होता ! और नकरात्मक केमिकल भी जीव के शरीर में नहीं बनते , और उसे खाने वाले को भी दुष्परिणाम नहीं होता !

हलाल मीटइस्लामिक धर्म की पद्धति है ! ऐसे ही प्रचारित कर दिया गया है कि ,ये जानवरों और मुर्गे को हलाल करते हुए काटते हैं. जिसमे ये पहले कैरोटिड धमनी और विंडपाइप को काटने की बात करते है ! जिसके बाद रक्त की आपूर्ति मस्तिष्क तक नहीं हो पाती है!मुझे कोई बताये , जानवर काटने वाले कैरोटिड धमनी और विंडपाइप ढूंढने के लिए कौन सा डॉक्टरी का कोर्स करके आते है ? वो सिर्फ जरा सा काट देते है , और इंतज़ार करते है तड़प तड़प कर मरने का !पहले श्वास नली के पास एक कट मार कर खून बाहर निकालते हैं जिसे जानवर खूब तड़पता है जानवर का शरीर स्वतः ही प्राकृतिक क्रिया के द्वारा अपने शरीर में बहुत सारा डोपामिन, एड्रेलिन और दूसरे तमाम पेन किलर और हारमोंस का भारी मात्रा में स्राव करता है …फिर उस मांस को खाने वाले लोगों के शरीर में इतनी भारी मात्रा में डोपामिन और एड्रेलिन चला जाता है कि उनके शरीर में भी एंटीबायोटिक का असर होना बंद हो जाता हैहलाल को श्रेष्ठ बता रहे थे ? और झटका को गलत बता रहे थे ?और अपने दावे में उन्होंने किसी फर्जी रिपोर्ट का हवाला दिया जबकि अमेरिका ब्रिटेन यूरोप सहित तमाम विकसित देश जो रिसर्च में बहुत आगे हैं उन्होंने अपने यहां हलाल प्रक्रिया द्वारा जानवर काटे जाने पर रोक लगाया हैअभी कुछ दिन पहले ही सोनी बीबीसी अर्थ पर एक बड़ा कार्यक्रम इसी विषय पर दिखाया गया था जिसमें दोनों तरह के मांस का परीक्षण किया गया तब पता चला कि हलाल विधि द्वारा काटे गए बकरे के मांस में झटका विधि द्वारा काटे गए बकरे के मांस में 40 गुना ज्यादा डोपामिन और एड्रीनलीन मिलामस्जिदों में जो तकदीरों में सुना हुआ होता है वह बोल कर आपको ऐसा साबित करेगा कि हलाल श्रेष्ठ हैजबकि झटका मीट में इतनी तेजी से खून निकलता है ! जिसके कारण इसमें बैक्टीरिया का निर्माण हलाल की तुलना में कम होता है, इसलिए इससे मिलने वाला मांस स्वस्थ होता है ! और नकरात्मक हार्मोन से मुक्त भी होता है !पर देश का दुर्भाग्य , भारत में हिन्दुओं को हर बड़ी कंपनी हलाल ही खिलाती है ! मोदी जी के आने के बाद भी यही सिलसिला जारी है !i